
भिलाई के सोनिया गांधी नगर में पीलिया का प्रकोप:पुरानी पाइप लाइन का पानी पीने से फैला पीलिया, छह लोग बीमार
By Dinesh chourasiya
BHILAI खुर्सीपार के वार्ड 38 सोनिया गांधी नगर में पीलिया फैल गया है। एक ही मोहल्ले के 6 लोग बीमार हैं। इनमें एक की हालत ज्यादा गंभीर है। सूचना देने के दो दिन बाद पहुंचे नगर निगम के अधिकारी पानी का सैंपल लेकर ही लौट गए। न तो साफ पानी आपूर्ति का कोई वैकल्पिक इंतजाम किया और न ही सफाई करवाई। जिला स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अफसरों को तो अब तक कोई खबर ही नहीं है।
सोनिया गांधी नगर के सड़क-2, क्वार्टर-3 बी निवासी सौरभ नायक और उसकी बहन आयुषी नायक सप्ताहभर से बीमार हैं। इसी स्ट्रीट में रहने वाले चचेरे भाई-बहन शुभम वर्मा, अंजनी वर्मा और कृष्णा वर्मा भी पीलिया से पीड़ित है। इसी क्षेत्र के शक्ति नगर निवासी बरकत खान का भी इलाज जारी है। बावजूद न तो नगर निगम प्रशासन को परवाह है और न ही स्वास्थ्य विभाग को। पानी का सैंपल लेकर ही लौट गए वार्ड पार्षद पियूष मिश्रा ने बताया कि वे दो दिन से जोन-4 शिवाजी नगर खुर्सीपार और जलकार्य विभाग के अफसरों को जानकारी देते रहे। इसके बाद भी जब कोई नहीं पहुंचा तो बुधवार को निगम आयुक्त रोहित व्यास से शिकायत की। तब जलकार्य विभाग के ईई संजय शर्मा और जोन के ईई संजय बागड़े पहुंचे।







वे भी घरों से पानी का सैंपल लेकर लौट गए। बीएमओ ने अधीनस्थ से जानकारी मांगी तो कह दिया- अभी व्यस्त हूं जिला स्वास्थ्य विभाग तेजी से फैलने वाले जलजनित संक्रमित बीमारी पीलिया को लेकर बिलकुल भी गंभीर नहीं है। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पियाम सिंह पूछते ही चौक गए कि कहां फैला है पीलिया। बाद में उनके किसी अधीनस्थ ने बताया तो कहा कि हां कुछ पीड़ित मिले हैं, लेकिन उन्हें कोई जानकारी नहीं है। एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम के प्रमुख सीबीएस बंजारे ने कहा कि अभी मैं कहीं और व्यस्त हूं, बात में बाद करता हूं। सूचना पर भी किसी भी अफसर ने मामले में कोई गंभीरता नहीं दिखाई।
बैकलेन की गंदगी से गुजरी है बीएसपी की पुरानी पाइप लाइन डेढ़ साल पहले नगर निगम ने चुनाव से ठीक पहले यहां आनन-फानन में नल लगा दिया, लेकिन आज तक पानी नहीं आया। लोग मजबूरी में बीएसपी की पुरानी पाइपलाइन से ही पानी पी रहे हैं। यह पाइपलाइन बैकलेन में गंदगी के बीच सीवरेज लाइन के पैरलल बिछी हुई है। माना जा रहा है कि गंदगी की वजह से ही पानी प्रदूषित हुआ होगा। अब निगम के अधिकारी बीएसपी प्रबंधन पर मामला थोपकर बच रहे हैं। जबकि पूरे क्षेत्र में लाखों रुपए की लागत से पाइपलाइन बिछाई गई है।







