छत्तीसगढ़ में करंट लगने से 3 हाथियों की मौत:विभागीय नर्सरी में नीचे लटक रहा 11 केवी तार, 158 हाथियों का घूम रहा दल
By Dinesh chourasiya

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में शुक्रवार की रात करंट की चपेट में आने से 3 हाथियों की मौत हो गई। जिसमें दो वयस्क और एक शावक शामिल है। वन विभाग के नर्सरी के अंदर जहां यह हादसा हुआ है, वहां तार काफी नीचे झूल रहा था। मामला तमनार रेंज का है।
जानकारी के मुताबिक, तमनार वन परिक्षेत्र के बकचबा बीट के चुहकीमार स्थायी रोपणी में शनिवार सुबह तीन हाथियों का शव बरामद हुआ। जिसकी जानकारी वन अमला को हुई, तो डीएफओ समेत वनकर्मियों की टीम मौके पर पहुंचे।








11 केवी तार की चपेट में आए
शुरुआती जांच में पता चला है कि, 11 केवी तार की चपेट में आने से हाथियों की मौत हुई है। करंट की वजह से आस-पास के घास भी जले मिले हैं। जहां हादसा हुआ है, वहां तमनार रेंज के सामारूमा का जंगल हाथियों के आवागमन का रास्ता है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि, घटना के बाद हाथी के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
काफी नीचे झुल रहा था तार




छत्तीसगढ़ पर्यावरण सरंक्षण समिति के ब्लॉक अध्यक्ष सोमदेव मिश्रा ने बताया कि, यह बिजली विभाग की लापरवाही है। करंट प्रवाहित तार काफी नीचे झूल रहा था। जबकि घरघोड़ा रेंज में हाथियों का दल अभी काफी संख्या में विचरण कर रहा है। ऐसे में हाथी विचरण करते समय करंट तार की चपेट में आ गए।
डीएफओ बोले- जांच कर रहे
इस मामले में डीएफओ स्टाईलो मंडावी का कहना है कि, हाथियों की मौजूदगी को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में लगातार मुनादी कराई जा रही थी। जिससे कोई जनहानि न हो, लेकिन यहां 3 हाथी करंट की चपेट में आ गए। मामले में आगे की जांच चल रही है।
158 हाथी कर रहे विचरण
जिले में विचरण हाथियों की संख्या 158 तक पहुंच चुकी है। घरघोड़ा रेंज में 78 हाथियों का दल विचरण कर रहा है। वहीं, अमलीडीह क्षेत्र में 48 और कमतरा इलाके में 30 हाथी मौजूद है। ऐसे में रात होते ही हाथी जंगल से निकलकर किसानों के खेतों तक भी पहुंच रहे हैं।




