
दुर्ग में रिश्वत लेते 2 अधिकारी गिरफ्तार:रिटायर्ड कर्मचारी से मांगी थी 10 हजार की घूस; ACB की टीम ने रंगे हाथ दबोचा
By Dinesh chourasiya
एंटी करप्शन ब्यूरो यानी एसीबी की टीम ने राज्य संपरीक्षा कार्यालय दुर्ग के उप संचालक और सहायक संपरीक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीबी ने यह कार्रवाई रिसाली निगम में पदस्थ रिटायर्ड कर्मचारी की शिकायत पर की है।
एसीबी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि नगर पालिक निगम में निगम सचिव के पद से रिटायर देवव्रत देवांगन ने उनके पास मामले की शिकायत की थी। उसने बताया कि वह अपनी शासकीय सेवा से रिटायर हो चुका है। इसके बाद भी उसका पदोन्नत पद पर वेतन निर्धारण नहीं किया जा रहा है। इसका सत्यापन का कार्य दुर्ग में संचालित उप संचालक राज्य संपरीक्षा कार्यालय में लंबित है।







देवव्रत ने बताया कि सत्यापन का कार्य ना होने की वजह से उसे ना तो पेंशन का लाभ मिल पा रहा है और ना ही अन्य देयक मिल रहे हैं। इसके लिए वो राज्य संपरीक्षा कार्यालय दुर्ग में पदस्थ उप संचालक दिनेश कुमार और सहायक संपरीक्षक होमन कुमार से मिला था।
उसने उनसे पूरी बात बताई और मजबूरी बताई, इसके बाद भी उन्होंने सत्यापन का कार्य नहीं किया। उन्होंने देवव्रत से 10 हजार रुपए देने की मांग की। देवव्रत ने इसके बाद इन लोगों को रंगे हाथ गिरफ्तार करवाने की ठानी। उसने एसीबी कार्यालय में इसकी शिकायत की।
इसके बाद एसीबी ने पूरे प्लान के तहत दोनों आरोपियों को रंगे हाथ रिश्वत लेते गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ पीसी एक्ट की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें हिरासत में लिया है।




6000 रुपए में सौदा हुआ डन, फिर पहुंची एसीबी
एसीबी में शिकायत करने के बाद टीम ने देवव्रत को कहा कि वो उन लोगों से डिमांड को और कम करने के लिए दबाव बनाए। देवव्रत उनसे मिला और बोला कि वो 10 हजार रुपए रिश्वत नहीं दे सकता है। काफी बातचीत के बाद सौदा 6000 रुपए में डन हुआ।
पाउडर लगे नोट किए गए जब्त
एसीबी कार्यालय से देवव्रत को पाउडर लगे नोट दिए गए। 11 सितंबर 2024 की दोपहर जैसे ही देवव्रत ने कार्यालय जाकर रिश्वत की रकम दी, पीछे से एसीबी की टीम वहां पहुंच गई। उन्होंने उप संचालक वित्त दिनेश कुमार और सहायक संपरीक्षक होमन कुमार के पास रिश्वत की रकम को जब्त किया।




