छत्तीसगढ़

दुर्ग में मुआवजे की मांग को लेकर विधायक अरुण वोरा आवास का घेराव:चार दिन से भूखी मृतक सूरज की पत्नी हुई बेहोश, फिर भी बाहर नहीं आए विधायक

By Dinesh chourasiya

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दुर्ग जिला मुख्यालय में सूरज साहू हत्याकांड के बाद मुआवजे की मांग को लेकर परिजन और आप नेता चार दिन से भूख हड़ताल पर हैं। रविवार को उन लोगों ने दुर्ग विधायक अरुण वोरा के आवास का घेराव किया। इस दौरान सूरज की पत्नी वहां बेहोश हो गई। इसके बाद भी विधायक उनसे मिलने नहीं आए। उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया है।

बेहोश होने पर महिलाएं उसे पानी पिलाकर उठाते हुए

चार दिनों से भूखे आंदोलनकारी अरुण वोरा को उसके घर के सामने नारेबाजी करके बुलाते रहे, लेकिन विधायक बाहर नहीं आए। इसी दौरान सूरज की पत्नी ज्योति साहू बेहोश होकर गिर गई। इससे वहां हड़कंप मच गया। इसके बाद भी विधायक वोरा का दिल नहीं पसीजा और पीड़ित परिवार से मिलने तक नहीं आए। आप नेताओं और परिजनों ने ज्योति को बेहोशी की हालत में जिला असपताल दुर्ग पहुंचाया।

इसके बाद माहौल बिगड़े ना यह देखते हुए विधायक वोरा जिला अस्पताल महिला का हाल जानने पहुंचे। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने ज्योति को एडमिट कर उसका उपचार शुरू कर दिया है। खबल लिखे जाने तक उसकी हालत काफी नाजुक है। डॉक्टरों का कहना है कि चार दिन से कुछ न खाने और पति की मौत से दुखी होने के चलते उसकी तबीयत अधिक बिगड़ी है।

भूख हड़ताल में बैठे अन्य लोगों की हालत भी खराब

भूख हड़ताल में मृतक सूरज के पिता माणिकचंद साहू, मां सरस्वती साहू, पत्नी ज्योति साहू सहित आप के जिला संयोजक डॉ. एसके अग्रवाल सहित कई लोग बैठे हैं। इन सभी ने पिछले चार दिन से कुछ भी नहीं खाया। इससे इनकी हालत काफी खराब है। डॉ. साहू का कहना है कि उन्हें कमजोरी महसूस हो रही है और चक्कर आ रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांग को नहीं माना जाता है वो यहां से उठने वाले नहीं है। उनका धरना प्रदर्शन और भूख हड़ताल यूं ही चलता रहेगा। इसमें उनकी जान भी चली जाएगी तो भी वो पीछे नहीं हटेंगे।

क्या है पूरा मामला

दुर्ग कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 1 नया पारा केजू राइस मिल के पास 12 सितंबर 2023 की सुबह 4 लोगों के बीच आपसी विवाद हुआ था। इसमें सूरज साहू (27 वर्ष) को आरोपी चंद्रकांत साहू , छोटू गुप्ता, गोपाल गुप्ता ने मिलकर इतना मारा की वो कोमा में चला गया। इसके बाद उसे शंकराचार्य हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां इलाज के दौरान 20 सितंबर को सूरज की मौत हो गई थी। इस मौत के बाद परिजनों और आप नेताओं में काफी आक्रोश था। वो लोग पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने के लिए पटेल चौक में अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। चार दिन बीत जाने के बाद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या नेता मंत्री ने उन्हें कोई आश्वासन नहीं दिया है।

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