
अब जघन्य अपराध करने वाले आखिरी सांस तक जेल में रहेंगे कैद, प्रदेश सरकार ने आजीवन कारावास की नीति में किया बदलाव
.भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार जघन्य अपराध और दुष्कर्मियों को लेकर सख्त हो गई है। दरअसल शिवराज सरकार ने आजीवन कारावास की नीति में बदलाव किया है। जिसके बाद अब आजीवन कारावास की सजा काट रहे जघन्य अपराध करने वाले अपराधियों को आखिरी सांस तक जेल में रहना होगा। यह फैसला आजीवन कारावास के लिए प्रस्तावित नीति 2022 के तहत लिया गया है।
आजीवन कारावास के लिए प्रस्तावित नीति 2022 में नए प्रावधान के तहत प्रदेश में अब जघन्य अपराधों में उम्रकैद की अवधि 14 साल का प्रावधान खत्म होगा और अंतिम सांस तक जेल में रहना होगा। आदेश के मुताबिक रेप, सामूहिक दुष्कर्म, जहरीली शराब बनाने वाले, विदेशी मुद्रा से जुड़े अपराध या उससे ज्यादा गंभीर अपराध के सभी आरोपी इस मामले में शामिल किए जाएंगे। इसके साथ ही आतंकियों और नशीले पदार्थो के अवैध कारोबारियों को भी अब जेल में ही सड़ना होगा।







वहीं अपराधियों में सरकारी नौकरी के दौरान हत्या या अन्य कोई गंभीर अपराध करने वाले अपराधी भी शामिल होंगे। इसी तरह सेना के किसी भी विभाग से संबंधित अपराध करने वाले अपराधी पर भी यही नियम लागू होगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को विधि विभाग की समीक्षा बैठक में यह निर्णय लिया है।






