
मामला दबा दूंगा…20 दे देना’AUDIO:भिलाई के थानों में चल रहा है वारंट रोकने का खेल, सिपाही कहते हैं- बॉस को भी देना पड़ता है
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हमारा मकसद पुलिस की छवि को खराब करना नहीं है
मगर कुछ पुलिस वाले हैं कि पुलिस की वर्दी को बदनाम करते हैं
कोर्ट वारंट की सांकेतिक तस्वीर।




छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में कोर्ट से जारी वारंट की तामीली न होने को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। यहां सिपाही, हेड कांस्टेबल जिसके खिलाफ वारंट होता है उससे मिलकर गिरफ्तारी का डर दिखाते हैं। इसके बाद वारंट को दबाने के नाम पर मोटी रकम डिमांड करते हैं। ऐसे ही मामले में भास्कर ने वारंट पर कार्रवाई नहीं करने को लेकर स्टिंग किया। भिलाई नगर थाने के सिपाही मनोज मोहबे ने भास्कर रिपोर्टर से वारंट दबाने के नाम पर 20 हजार रुपए की मांग की। इसका पूरा ऑडियो हमारे पास है।
भास्कर ने भिलाई नगर थाने में पदस्थ मनोज मोहबे से बातचीत रिकार्ड की। मनोज, दुर्ग कोर्ट से आने वाले सभी वारंट की तामीली देखता है। उसके खिलाफ कई ऐसी शिकायतें थीं कि वो आरोपियों से पैसे लेकर वारंट को दबाता था और कोर्ट में यह दिखा देता था कि आरोपी के घर पर ताला लगा था। इस तरह आरोपी को केस से बचने के लिए समय मिलता था। इसके एवज में मनोज मोहबे उन लोगों से मोटी रकम लेता था। भास्कर को जब इसकी जानकारी हुई तो रिपोर्टर ने राकेश सिंह बनकर मनोज को फोन लगाया।
मनोज से कहा गया कि उसके नाम पर कोर्ट से वारंट आया है, उसे वापस भेजना है। मनोज ने रविवार शाम 6 बजे मिलने का समय दिया। इसके बाद सेक्टर 6 ग्लोब चौक में वो भास्कर रिपोर्टर से मिला। मनोज को बताया गया कि 2.5 लाख के चेक बाउंस का मामला है। इसमें पेशी नहीं जाने पर कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट आया है। जिसे 4 महीने के लिए दबाना है। इस बातचीत में मनोज ने कहा 20 हजार रुपए दे दो मैनेज कर लेगा। जब पैसा कम करने की बात कही गई तो उसने कहा कि थाना प्रभारी को भी देना पड़ता है, तभी मामला मैनेज होता है।
ऐसे हुई पूरी बातचीत
दरअसल भास्कर ने राकेश सिंह के नाम के युवक पर एक गिरफ्तारी वारंट आने की बात की। इसके बाद मनोज ने थाने में फोन लगाकर पूछताछ की। वहां से जब नहीं में जवाब आया तो उसने कहा कि वारंट आया नहीं तो आ जाएगा। लेकिन चिंता मत करो वो मैनेज कर लेगा। बातचीत में उसने यह भी कहा कि कोर्ट क्या कर लेगा वारंट तामीली तो उसे कराना है। वो सब मैनेज कर लेगा। उसने कहा कि शाम को मिलो। शाम तक गिरफ्तारी न हो जाए ऐसा बोलने पर मनोज ने कहा कुछ नहीं होगा, वही वहां का सर्वे सर्वा है। जब पैसे के लेनदेन की बात की गई तो उसने कहा कि बात फोन पर मत करो। मिलकर करते हैं।
वारंट दबाने के लिए मांगे 20 हजार रुपए
इसके बाद रिपोर्टर शाम 6 बजे ग्लोब चौक में पान ठेला के बगल से मनोज मिला। उसने वारंट के बारे में पूरी जानकारी मांगी। इसके बाद उसने पूछा कब जानकारी हुई वारंट की। रिपोर्ट ने शनिवार को थाने से जानकारी मिलने की बात कही तो, मनोज ने कहा कि वारंट प्रभारी मैं ही हूं कल मैं बाहर था। मुंशी से पूछ लेता हूं। आप चिंता मत करो जो करना है मुझे करना है। इसके बाद उसने थाने के मुंशी को फोन करके पूछा कि राकेश सिंह के नाम पर कोई वारंट आया है क्या। मुंशी ने मना किया। इसके बाद उसने किसी तोशन को फोन लगाया और राकेश सिंह के वारंट के बारे में जानकारी मांगी। उससे कहा कि उसके लिए कोर्ट से फोन आ रहा है उसे चेक करके बता।
बीस हजार की डिमांड
मनोज से कहा गया था कि ढाई लाख रुपए के चेक बाउंस मामले में गिरफ्तारी वारंट का प्रकरण है। मनोज वारंट घर में नहीं देने और 4-5 महीने छिपाने के लिए राजी हो गया। पैसों की बात पर रिपोर्टर ने 5-10 हजार रुपए की बात कही तो उसने कहा कि 20 हजार करा दो अच्छे से देख लूंगा। रिपोर्टर ने कहा कि इसके बाद बॉस का फोन तो नहीं आया। सिपाही ने कहा कौन बॉस का। रिपोर्टर ने टीआई की बात कही तो सिपाही ने कहा कि क्यों फोन आएगा, जब वो सब मैनेज करेगा।
दूसरे सिपाही ने दी धमकी
जब भास्कर के रिपोर्टर ने थाने से निकल कर मनोज मोहबे को पूरी सच्चाई बताई तो वो उस बात से मुकरने लगा। इसके बाद भिलाई नगर थाने में पदस्थ बृज भूषण त्रिपाठी ने फोन किया। उसने पहले तो थाने आकर उसके सिपाही को धमकी देने का आरोप लगाया, जब बात नहीं बनी तो उसने कार्रवाई की धमकी दी।
टीआई ने पैसा लेने की बात से किया इंकार
इस मामले में जब भिलाई नगर थाना प्रभारी राजेश साहू से बात की गई तो उन्होंने वारंट तामीली किए जाने की बात कही। उसने कहा कि वारंट रोकने के लिए पैसा लेने की बात उन्हें नहीं मालूम है। कोई उनके नाम पर पैसा ले रहा है तो ये पूरी तरह गलत है। वो सिपाही से इस संबंध बात करेंगे। इसके बाद ही कुछ बता पाएंगे।
दुर्ग एसपी ने की सीधे कार्रवाई की बात
इस मामले की जानकारी जब दुर्ग एसपी डॉ. अभिषेक पल्लव को दी गई तो उन्होंने कहा कि ऐसा करना पूरी तरह से गलत है। आप सिपाही की रिकार्डिंग भेजिए यदि उसने वारंट को दबाने के लिए पैसों की मांग की है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करेंगे।







