
बिलासपुर में हिंदू संगठनों ने सोमवार को कलेक्टोरेट के सामने प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन हिंदुओं के मकान तोड़ने, ईरानी मोहल्ले को बख्शने, और उनके निवासियों द्वारा कथित उत्पीड़न के विरोध में था। मेलापारा से बड़ी संख्या में महिला और पुरुष धरने में शामिल हुए।
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन अतिक्रमण हटाने के अभियान में हिंदुओं के मकानों को आसानी से निशाना बना रहा है। वहीं, ईरानी मोहल्ले के निवासियों द्वारा कथित मारपीट और विरोध के कारण प्रशासन के कर्मचारी उनके सामने कार्रवाई करने से पीछे हट जाते हैं।








संगठन ने अतिक्रमण अभियान में प्रशासन पर लगाया भेदभाव का आरोप
हिंदू संगठन के धनंजय गोस्वामी ने बताया कि दो महीने पहले मेलापारा में हिंदुओं के मकान तोड़े गए थे और उन्हें दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके विपरीत, बगल के ईरानी मोहल्ले में जब प्रशासन कार्रवाई करने पहुंचता है, तो वहां के लोग मारपीट और गाली-गलौज पर उतर आते हैं, जिससे कार्रवाई रुक जाती है।

ईरानी मोहल्ले के निवासियों पर प्रताड़ना का आरोप




गोस्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में एक शिक्षक के साथ मारपीट और स्कूली बच्चियों के आपत्तिजनक वीडियो बनाने के मामले सामने आए हैं। उनका दावा है कि ईरानी मोहल्ले के लड़के हिंदुओं को प्रताड़ित करते हैं, लेकिन प्रशासन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करता।
उन्होंने सवाल उठाया कि अतिक्रमण हटाने से लेकर आपराधिक मामलों तक, हमेशा हिंदुओं को ही निशाना क्यों बनाया जाता है। गोस्वामी ने चेतावनी दी कि हिंदुओं के साथ अन्याय और अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


ईरानी मोहल्ले के लोगों पर 6 एफआईआर
गोस्वामी ने बताया कि ईरानी मोहल्ले के लोगों के खिलाफ सरकंडा थाने में मारपीट और अन्य मामलों में छह एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन मामलों में कार्रवाई न होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं, जिससे आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने प्रशासन से हिंदुओं के साथ न्याय करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।




