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CG में घटिया सड़क निर्माण पर गिरी गाज .बीजापुर में 3 अफसरों पर होगी FIR:रायपुर फ्लाई ओवर मामले में एग्जीक्यूटिव इंजीनियर समेत 5 अधिकारी सस्पेंड; ठेकेदार को शोकॉज नोटिस

By Dinesh chourasiya

बीजापुर में घटिया सड़क बनाने और ठेकेदार को बचाने के आरोप में कार्यपालक अभियंता बी.एल. ध्रुव और 3 पर केस दर्ज किया जाएगा। इसे लेकर आदेश जारी हुआ है। यह वही सड़क है, जिसकी रिपोर्टिंग की वजह से पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या हुई। इस सड़क को बनाने वाला ठेकेदार हत्याकांड का मास्टरमाइंड सुरेश चंद्राकर है।

वहीं, रायपुर के मोवा ओवरब्रिज में घटिया क्वॉलिटी की सड़क बनाने वाले PWD के 5 अफसरों को सस्पेंड कर दिया गया है। रायपुर के ठेकेदार को भी नोटिस दिया गया है। भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे बीजापुर और रायपुर के अधिकारियों पर सीएम साय और PWD मंत्री अरुण साव की नाराजगी के बाद एक्शन हुआ। जांच में दोनों ही शहरों के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई।

बीजापुर में ठेकेदार सुरेश चंद्राकर ने घटिया सड़क निर्माण कराया है।

क्या है बीजापुर की सड़क का मामला

बीजापुर में राज्य सरकार को अधिकारियों के खिलाफ सड़क निर्माण में अनियमितता, भ्रष्टाचार, मिलीभगत, सरकारी धन का दुरुपयोग और घटिया गुणवत्ता वाले काम के तथ्य मिले हैं। इसलिए सरकार ने बस्तर परिक्षेत्र, जगदलपुर के मुख्य अभियंता को मामले से जुड़े अफसरों पर FIR करने और विभाग को सूचना देने कहा है।

दरअसल, बीजापुर में आर.आर.पी.-1 (एल.डब्ल्यू.ई.) योजना के तहत 54.40 किमी लंबाई की सड़क बनानी थी। यह सड़क नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालूर के बीच थी। गड़बड़ी की मीडिया रिपोर्ट आने के बाद सरकार ने इंटर्नली केस की जांच कराई। जांच दल ने जो रिपोर्ट सरकार को सौंपी उसमें गड़बड़ी मिली।

इस वजह से बीजापुर में कार्यपालन अभियंता रह चुके बी.एल. ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी आर.के. सिन्हा और उप अभियंता जी.एस. कोड़ोपी और इनका साथ देने वालों पर भारतीय न्याय संहिता, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में FIR दर्ज करने का आदेश दिया गया है।

बीजापुर के अफसरों पर केस दर्ज करने का आदेश।

सरकार को क्या गड़बड़ी मिली ?

नेलसनार-कोडोली-मिरतुल-गंगालूर रोड का चीफ इंजीनियर्स ने 8 जनवरी और 9 जनवरी को दौरा किया। जिसमें पाया कि सड़क के निर्माण कार्य में 29.00 किमी से 32.00 किमी और 50/10 तक कुल 4.20 किमी में कई जगह से सील कोट उखड़ गए हैं। पुल के एप्रोच में स्लैब की मोटाई कम है।

सड़क और पुल के हिस्सों को बनाने में क्वॉलिटी गाइडलाइंस का पालन ही नहीं किया गया। विभाग ने अनुविभागीय अधिकारी आर.के. सिन्हा और उप अभियंता जी.एस. कोड़ोपी को सस्पेंड कर दिया। बीजापुर में सड़क निर्माण के समय पोस्टेड रहे प्रभारी कार्यपालन अभियंता बी.एल. ध्रुव को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है।

रायपुर के अफसरों को सस्पेंड किया गया।

रायपुर के 5 अधिकारी सस्पेंड

मोवा ओवरब्रिज में मरम्मत का घटिया काम खुद मंत्री अरुण साव की नजर आ चुका था। इस प्रोजेक्ट के 5 अधिकारी निलंबित कर दिए गए हैं। विभाग ने इस सड़क की जांच में पाया कि औसत बिटुमिन कंटेंट, कंबाइंड डेंसिटी मटेरियल के ग्रेडेशन मानक स्तर से कम है।

अफसरों ने भी इस ओर ध्यान नहीं दिया और काम को अप्रूव करते गए। इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए विभाग ने कार्यपालन अभियंता विवेक शुक्ला, अनुविभागीय अधिकारी रोशन कुमार साहू, उप अभियंता राजीव मिश्रा, देवव्रत यमराज और तन्मय गुप्ता को सस्पेंड किया है।

रायपुर के मोवा ओवरब्रिज का खुद निरीक्षण करने पहुंचे थे मंत्री साव।

ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस जारी

मोवा ओवरब्रिज में घटिया काम ठेकेदार केशवदास आर. जादवानी ने किया। इसे भी शोकॉज नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने ठेकेदार को जारी नोटिस में कहा कि, ओवरब्रिज में डामरीकरण के बाद ट्रैफिक शुरू होते ही गिट्टी निकलने लगी। इसमें ठेकेदार की लापरवाही दिखती है।

ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस का जवाब 15 दिन के अंदर प्रमुख अभियंता कार्यालय को देना है। ऐसा नहीं करने पर लाइसेंस सस्पेंड किया जा सकता है।

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