बालोद।24 जुलाई 2026 ,जिले में तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आकर गौवंश की मौत की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामला शहर के गंजपारा स्थित जैन ऑटो केयर के सामने वेयरहाउस के पास का है, जहां स्थानीय लोगों के अनुसार बीती रात किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन की टक्कर से दो गौमाताओं की मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों एवं स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दुर्घटना के बाद दोनों गौमाताओं के शव लंबे समय तक सड़क किनारे पड़े रहे। समय पर उन्हें नहीं हटाए जाने के कारण आवारा कुत्ते शवों को नोचते रहे, जिससे वहां से गुजरने वाले लोगों में रोष व्याप्त हो गया। लोगों का कहना है कि ऐसी स्थिति न केवल गौवंश के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाती है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता की दृष्टि से भी गंभीर चिंता का विषय है।
गौरतलब है कि दो दिन पहले भी उमरादाह बस स्टैंड और धोठिया चौक के पास तेज रफ्तार भारी वाहनों की चपेट में आने से दो गौवंश की मौत हुई थी। लगातार दो दिनों में अलग-अलग स्थानों पर चार गौमाताओं की मौत की घटनाओं ने जिले में गौवंश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिले की कई प्रमुख सड़कों पर बड़ी संख्या में मवेशी खुलेआम विचरण करते हैं, जबकि दूसरी ओर तेज रफ्तार भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। ऐसे में दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रभावी रोकथाम के लिए ठोस कदम नजर नहीं आ रहे हैं।
लोगों ने प्रशासन, नगर पालिका और संबंधित विभागों से मांग की है कि दुर्घटनाग्रस्त गौवंश के शवों का तत्काल सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कराया जाए, सड़कों पर विचरण करने वाले मवेशियों के संरक्षण के लिए प्रभावी एवं स्थायी व्यवस्था की जाए, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए तथा तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो इस तरह की दर्दनाक घटनाएं आगे भी लगातार होती रहेंगी।