CG में साड़ी पहनकर दागीं 9 गोलियां, अब SP अंकिता को नोटिस:पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल ने गिनाईं 8 गलतियां; IG बोले- जांच के बाद एक्शन लेंगे
By Dinesh chourasiya
दशहरा पर शस्त्र पूजा के दौरान राजनांदगांव की SP अंकिता शर्मा की AK-47 से फायरिंग करने का मामला अब पुलिस मुख्यालय तक पहुंच गया है। वीडियो वायरल होने और सोशल मीडिया पर निगेटिव कमेंट आने के बाद PHQ ने स्पष्टीकरण मांगा है।







भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने भी फायरिंग में 8 प्वाइंट में गलतियां बताई थीं। उनका कहना है कि लोडेड (कारतूस से भरे) हथियार को बहुत ही लापरवाही और गलत तरीके से इस्तेमाल किया गया था। राजनांदगांव रेंज के IG अजय यादव ने जवाब मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई करने की बात कही है।




साड़ी पहनकर AK-47 से फायरिंग का वीडियो वायरल
दशहरा पर राजनांदगांव पुलिस लाइन में शस्त्र पूजा के दौरान SP अंकिता शर्मा का फायरिंग करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में वे साड़ी पहने AK-47 से गोलियां चलाती नजर आईं थीं।
उन्होंने 8 से 9 राउंड फायरिंग की थी। वीडियो सामने आने के बाद हथियार चलाने के तरीके और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस शुरू हुई।
पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल ने भी उठाए सवाल
भारतीय सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने वीडियो पर आपत्ति जताई। उन्होंने हथियार संभालने के तरीके और फायरिंग के दौरान सुरक्षा नियमों के पालन पर सवाल उठाते हुए एक्स पर पोस्ट किया।
उनका कहना था कि लोडेड हथियार को संभालते समय सावधानी जरूरी है और आसपास मौजूद लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने इस मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जरूरत भी बताई थी।

कई जिलों में हुई हर्ष फायरिंग
दशहरे के दिन सोशल मीडिया पर शस्त्र पूजा के बाद फायरिंग के कई और वीडियो भी सामने आए। इनमें रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला, दुर्ग एसपी विजय अग्रवाल, बलौदाबाजार एसपी गौरव राय और सुकमा एसपी मयंक गुर्जर समेत कई जिलों के पुलिसकर्मी पूजा के बाद हथियारों से फायरिंग करते नजर आए।
पहले सिर्फ शस्त्र पूजा होती थी फायरिंग नहीं- पूर्व DGP
छत्तीसगढ़ के पूर्व DGP डीएम अवस्थी ने कहा कि, दशहरा के अवसर पर कई पुलिस अधीक्षकों के शस्त्र पूजा के वीडियो सामने आए हैं। इनमें राजनांदगांव SP अंकिता शर्मा की ओर से की गई फायरिंग पर सेना के पूर्व लेफ्टिनेंट जनरल ने आपत्ति जताई है।
मध्यप्रदेश के समय से ही हथियारों के इस्तेमाल और फायरिंग अभ्यास के लिए तय प्रक्रिया रही है। पुलिसकर्मी फायरिंग रेंज में अभ्यास करते हैं या फिर कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रित करने के लिए जरूरत पड़ने पर हथियारों का इस्तेमाल किया जाता है।
पुलिस लाइन में शस्त्र पूजा के दौरान हथियारों से फायरिंग करने की परंपरा पहले नहीं थी। अब यह प्रचलन में दिखाई दे रहा है। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय की ओर से कोई नए निर्देश जारी किए गए हैं, तो इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। लेकिन पहले सिर्फ पूजा होती थी फायरिंग नहीं।






