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स्टील इंडस्ट्रीज में हादसा:1600 डिग्री पर खौलता लोहा शरीर पर गिरा, लपटों में घिरा मजदूर चीखता-चिल्लाता भागता रहा, मौत प्लांट संचालक और ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज 

By Dinesh chourasiya

जिले के रसमड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित जेडी स्टील इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड में एक दिल दहला देने वाली औद्योगिक दुर्घटना सामने आई है।

कारखाने में 1600 डिग्री सेल्सियस तापमान वाली पिघली हुई धातु की चपेट में आने से एक श्रमिक संतोष श्रीवास्तव बुरी तरह झुलस गया, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

घटना का पता चलने के बाद कलेक्टर अभिजीत सिंह ने घटना की जांच कराई। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने घटना को लेकर प्राथमिक रिपोर्ट तैयार की। जांच के बाद विभाग ने प्लांट के एक हिस्से के संचालन पर जांच पूरी होने तक के लिए रोक लगा दी है।

विभाग की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक हादसा 17 अक्टूबर की रात करीब 1:30 बजे हुआ। घटना के वक्त मृतक श्रमिक कंटीन्यूअस कास्टिंग मशीन (सीसीएम) के परीक्षण कार्य में तैनात था।

इसी दौरान 15 टन क्षमता वाली फर्नेस क्रमांक 1-बी से लगभग 1600 डिग्री तापमान के पिघले हुए मेटल को लैडल के जरिए 3 टन क्षमता वाली टंडिश कार में डाला जा रहा था। ऑपरेशन के दौरान पर्जिंग प्रक्रिया में अत्यधिक लांसिंग होने से अचानक तापमान बढ़ा और नोजल में रुकावट आ गई।

इससे वहां अतिरिक्त पिघला मेटल जमा हो गया। दबाव बढ़ने पर टंडिश की बॉटम प्लेट फट गई, जिससे खौलता हुआ मेटल पास खड़े श्रमिक के ऊपर गिर गया। घटना की सूचना मिलने पर विभाग के अधिकारियों ने मंगलवार को कारखाने का निरीक्षण किया। जहां निदेशक अभिषेक गोयल भी मौजूद थे।

सुरक्षा मानकों के तहत फर्नेस 1-बी, लैडल, टंडिश, नोजल और सीसीएम के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। साथ ही घटनास्थल को सुरक्षित रखकर सात दिन के अंदर सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।

प्लांट प्रबंधन ने क्षतिपूर्ति के तौर पर मृतक की पत्नी शोभा को 30 लाख रुपए दिए हैं। विभाग का कहना है कि विस्तृत जांच के बाद ही हादसे के असल कारणों और दोषियों का खुलासा हो सकेगा

दुर्ग में स्टील प्लांट में दुर्घटना के बाद जे.डी. स्टील इंडस्ट्रीज के निदेशक और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज

दुर्ग, छत्तीसगढ़ — चौकी अंजोरा (थाना पुलगांव) क्षेत्र अंतर्गत रसमड़ा स्थित एक स्टील प्लांट में दिनांक 17 अक्टूबर 2026 को इंडक्शन फर्नेस के ट्रायल कार्य के दौरान पिघला हुआ मेटल अधिक मात्रा में बाहर आने से वहां कार्य कर रहे संतोष श्रीवास्तव, उम्र 42 वर्ष, गंभीर रूप से झुलस गया, जिसकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई।
प्रारंभिक जांच में प्लांट संचालन के दौरान उपेक्षापूर्ण आचरण और इसके परिणामस्वरूप हुई मृत्यु के संबंध में प्लांट संचालक और ठेकेदार के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 289 तथा 106(1) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

 

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