भिलाई में विरोध के बाद पुलिस ने दर्ज किया काउंटर एफआईआर महिला एसआई पर थप्पड़ मारने का आरोप, भाजयुमो ने पुलिस के खिलाफ की नारेबाजी
By Dinesh chourasiya








इसके बाद कार्यकर्ता नाराज हो गए। इस दौरान भाजयुमो पदाधिकारियों और पुलिस के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। वे महिला पुलिसकर्मी से सार्वजनिक माफी और दूसरी एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़ गए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। देर रात पुलिस ने दूसरी एफआईआर दर्ज कर ली।
पुराने विवाद में पहले एक पक्ष ने दर्ज कराई थी एफआईआर मामला 14 अक्टूबर को सिविक सेंटर स्थित उपाध्याय पान ठेले के पास का है। पहले पक्ष के वेदांत साहू ने पुलिस को बताया कि वह छात्र है। वह अपने दोस्त प्रणव वर्मा के साथ पुरानी बात को लेकर तुषार सिंह राजपूत से बातचीत करने पहुंचा था। इसी दौरान आर्यन सिंह राजपूत वहां आया। वेदांत का आरोप है कि आर्यन, तुषार और उनके एक साथी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और मारपीट की।




वेदांत के अनुसार मारपीट में उसकी बाईं आंख, चेहरे और दोनों हाथों में चोट आई। झूमाझटकी के दौरान उसकी सोने की चेन भी गिर गई। घटना के बाद वह अपने पिता एकनाथ अनुपम साहू के साथ थाने पहुंचा और तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
दूसरे पक्ष ने दबाव में कार्रवाई का आरोप लगाया दूसरे पक्ष का कहना है कि कॉलेज के छात्रों के बीच हुए विवाद में वेदांत साहू ने आर्यन राजपूत, प्रणय वर्मा और तुषार सिंह राजपूत के साथ मारपीट की थी। इसके बाद वेदांत ने ही एफआईआर दर्ज करा दी। दूसरे पक्ष ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई एक विधायक के दबाव में की गई। भाजयुमो कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे इसी मामले में दूसरी एफआईआर दर्ज कराने के लिए जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह के नेतृत्व में थाने पहुंचे थे। पुलिस ने पहले जांच करने के बाद कार्रवाई की बात कही, जिससे कार्यकर्ता नाराज हो गए और थाने परिसर में धरने पर बैठ गए।
मोबाइल छीनने और थप्पड़ मारने के आरोप से बढ़ा विवाद धरने के दौरान गंजपारा मंडल के महामंत्री वाशु शर्मा घटनाक्रम का वीडियो बना रहे थे। भाजयुमो कार्यकर्ताओं का आरोप है कि महिला प्रशिक्षु उप निरीक्षक नेहा भास्कर ने उनका मोबाइल छीन लिया और थप्पड़ मार दिया। इसके बाद थाने के बाहर तनाव की स्थिति बन गई। कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और महिला पुलिसकर्मी से सार्वजनिक माफी की मांग की। हंगामे की सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शोभराज अग्रवाल, नगर पुलिस अधीक्षक और आसपास के थानों के प्रभारी मौके पर पहुंचे। थाने में बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत की और निष्पक्ष जांच व नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ मामला भाजयुमो जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह ने बताया कि कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगों पर अधिकारियों ने सहमति जताई है। पुराने विवाद में दूसरी एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन दिया गया। वहीं, महिला पुलिसकर्मी और कार्यकर्ता के बीच हुए विवाद को भी वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बातचीत के जरिए सुलझा लिया गया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। देर रात दूसरे पक्ष की शिकायत पर भी एफआईआर दर्ज कर ली गई




