
भिलाई में महिला से दुर्ग पुलिस का हिपाही किया छेड़छाड़ :पॉक्सो एक्ट में फंसे बेटे को बाहर लाने के नाम पर आरक्षक ने महिला के साथ की छेड़छाड़, दुष्कर्म का मामला दर्ज, हिपाही सस्पेंड
By Dinesh chourasiya
पुरानी भिलाई थाना में पदस्थ आरक्षक अरुण मेढ़े के उपर एक महिला ने छेड़छाड़ और बैड टच का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि आरक्षक ने पॉक्सो के मामले में जेल में बंद उसके बेटे को बाहर निकलवाने के नाम पर उसके साथ छेड़छाड़ और शारीरिक संबंध बनाने का दवाब बनाया है। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरक्षक के खिलाफ बीएनएस की धारा 64(2)(क)(i) के तहत मामला दर्ज किया है। इसके साथ ही दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने शाम को आरक्षक को सस्पेंड कर दिया।

हिंदूवादी संगठन ने किया थाने का घेराव इस मामले की सूचना मिलते ही हिंदूवादी संगठन ने भिलाई-3 थाने का घेराव कर दिया। ज्योति शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग थाने का घेराव करने पहुंचे और आरक्षक के खिलाफ एफआईआर और निलंबन की मांग करने लगे। हंगामा बढ़ता देख एएसपी पद्मश्री तंवर भिलाई-3 थाने पहुंची और मामले को शांत करवाया। आरक्षक के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद सभी लौटे।







ऑडियो रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट भी दिया संगठन ने कहा कि पीड़िता ने बताया कि बेटा किसी केस में अंदर है। उसको छुड़वाने के लिए यहां के पुलिस वाले हैं आरक्षक है वह उनको प्रताड़ित कर रहा था। शोषण करने के लिए बार-बार बार-बार 8 दिन 10 दिन से फोन कर रहा था। पीड़िता को 6:00 बजे के करीब में शाम के समय में वह जांजगीर के पास यार्ड में लेकर गया और उनके साथ छेड़छाड़ किया। पीड़िता ने जब पीरियड की बात कही तो आरक्षक ने बोला 2 दिन बाद तुम मेरे पास फिर आओगी तब तुम्हारे बेटे को मैं छुड़वाऊंगा। हमने पूरी रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट पुलिस को दिए हैं। हमने आरक्षक पर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता ने कहा- बेटे को छुड़वाने के लिए मिलने बुलाया पीड़िता ने मीडिया को बताया कि आरक्षक अरविंद ने मुझे फोन करके चरोदा बस स्टैंड में बुलाया। जब मैं वहां गई तो उसने मेरे साथ छेड़छाड़ की। मुझे बैड टच किया। जब मैंने बताया कि अभी मैं यह सब नहीं कर सकती तो उसने चेक किया। उसके बाद मुझे छोड़ दिया। वो मुझे बार-बार मिलने के लिए बोल रहा था, कह रहा था मुझसे एक बार मिलो, उसके बाद मैं तुम्हारे बेटे को छुड़वा दुंगा।
पुलिस ने दर्ज किया दुष्कर्म का मामला पुलिस ने इस मामले में बीएनएस की धारा 64(2)(क)(i) के तहत मामला दर्ज किया है। यह धारा तब लगती है जब कोई पुलिस अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र में, पुलिस थाने में या पुलिस हिरासत में किसी महिला के साथ बलात्कार करता है, तो उसे कठोर दंड मिलेगा। यह धारा तब लगती है जब अपराधी कोई पुलिस अधिकारी होता है। इसके तहत कम से कम 10 साल की कठोर कैद की सजा का प्रावधान है, जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है, और जुर्माना भी लगाया जाएगा।




एसएसपी ने आरक्षक को किया सस्पेंड आरक्षक अरविंद कुमार मेंढे के खिलाफ महिला के द्वारा गंभीर आरोप लगाने के बाद भिलाई-3 थाने में एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद एसएसपी विजय अग्रवाल ने देर शाम आरक्षक को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया। आरक्षक को रक्षित केंद्र में भेजा गया है। साथ ही एसएसपी अग्रवाल ने मामले में जांच के निर्देश दिए हैं। इसका जिम्मा सीएसपी भारती मरकाम को दिया है। 7 दिनों के अंदर जांच कर प्रतिवेदन सौंपने का आदेश जारी किया है।




