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छत्तीसगढ़ में कैशलेस चिकित्सा योजना को लागू  कराने  के लिए चिकित्सा कर्मचारी कल्याण संघ ने स्वास्थ्य मंत्री से मुलाकात की 

By Dinesh chourasiya

 

राज्य सरकार द्वारा बजट में कैशलेस चिकित्सा योजना की घोषणा के बाद अब इसे शीघ्र क्रियान्वित कराने की दिशा में कर्मचारी संगठनों की सक्रियता बढ़ गई है। कैशलेस चिकित्सा कर्मचारी कल्याण संघ ने 15 अप्रैल को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी दिलाने के लिए अपने प्रयास तेज कर दिए हैं।
संघ की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती उषा चंद्राकार के नेतृत्व में संगठन लगातार उच्च स्तर पर संवाद कर रहा है। इस अभियान में संगठन संरक्षक श्री राकेश सिंह, संस्थापक विजय कोचेंद्र, आजु सिन्हा, लिखेस वर्मा, मिर्जा काशिम, रमेश नेगी, विनोद सिंह, पीयूष गुप्ता,रायपुर संभाग अध्यक्ष श्री देवप्रसाद साहू एवं दुर्ग संभाग अध्यक्ष श्री पंकज राठौर की भी सक्रिय भूमिका देखी जा रही है।
हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती उषा चंद्राकार ने मुख्य स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया से नियमावली (रूल्स) को लेकर दूसरे दौर की विस्तृत चर्चा की। इस बैठक में योजना के क्रियान्वयन, अस्पतालों के पैनल, भुगतान प्रक्रिया और कर्मचारियों को मिलने वाली सुविधाओं पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान संगठन के अन्य पदाधिकारियों ने भी सुझावों के माध्यम से अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।
श्रीमती चंद्राकार ने स्पष्ट रूप से आग्रह किया कि चूंकि कैशलेस चिकित्सा योजना की घोषणा बजट में पहले ही हो चुकी है, इसलिए अब इसमें किसी प्रकार की देरी न करते हुए आवश्यक नियमावली को अंतिम रूप देकर इसे कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाए।
इसी क्रम में उन्होंने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल से भी मुलाकात की। इस मुलाकात में संगठन संरक्षक श्री राकेश सिंह एवं अन्य पदाधिकारियों का मार्गदर्शन भी महत्वपूर्ण रहा। संघ ने मांग रखी कि बजट में घोषित कैशलेस चिकित्सा योजना को आगामी कैबिनेट बैठक में प्राथमिकता के आधार पर पारित कर जल्द से जल्द लागू किया जाए।
संघ का कहना है कि वर्तमान में प्रतिपूर्ति प्रणाली के कारण कर्मचारियों को इलाज के समय आर्थिक दबाव का सामना करना पड़ता है। कैशलेस व्यवस्था लागू होने से कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधे अस्पताल में बिना भुगतान के इलाज की सुविधा मिलेगी, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। इस दिशा में संस्थापक विजय कोचेंद्र तथा संभागीय पदाधिकारियों ने भी लगातार प्रयास किए हैं।
सरकार की ओर से भी इस विषय पर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि 15 अप्रैल की कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी मिल सकती है। यदि ऐसा होता है, तो यह प्रदेश के लाखों शासकीय कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय साबित होगा।
अंत में, श्रीमती उषा चंद्राकार ने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार कर्मचारियों की आवश्यकताओं को समझते हुए शीघ्र निर्णय लेगी और कैशलेस चिकित्सा योजना को धरातल पर उतारने का मार्ग प्रशस्त करेगी।

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