Uncategorized

CG में DJ से मकान छज्जा गिरा बच्चे की मौत का मामला पहुंचा, हाईकोर्ट एडवोकेट जनरल बोले-आवाज से नहीं गाड़ी टकराने से हादसा; चीफ जस्टिस ने कलेक्टर से मांगा शपथपत्र

By Dinesh chourasiya

बिलासपुर में तेज आवाज में बज रहे DJ से हुए हादसे में बच्चे की मौत मामले में हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई है। चीफ जस्टिस ने इस केस को जनहित याचिका मानकर सुनवाई की। बुधवार को शासन की ओर से एडवोकेट जनरल ने जवाब पेश किया।

उन्होंने कहा कि मकान DJ की आवाज से नहीं गिरा है। वाहन मकान से टकराया है। मकान मालिक ने इसकी रिपोर्ट लिखाई है। पुलिस ने वाहन चालक और DJ संचालक को हिरासत में लेकर 15 दिन के लिए रिमांड में लिया है।

शासन की ओर से एडवोकेट जनरल ने जवाब पेश किया।

इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। शासन के जवाब पर कोर्ट ने कलेक्टर बिलासपुर को शपथपत्र पेश करने का आदेश दिया है। 15 अप्रैल को मामले में सुनवाई होगी।

चीफ सेक्रेटरी सहित अन्य को बनाया गया पक्षकार

बीते रविवार को मल्हार के केंवटपारा में DJ की तेज आवाज से छज्जा गिरने से 4 बच्चे समेत 10 लोग घायल हो गए। इनमें एक बच्चे की इलाज के दौरान मौत हो गई। मीडिया में आई इस खबरों पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने खुद संज्ञान लिया। चीफ सेक्रेटरी सहित अन्य को पक्षकार बनाया गया है।

पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल

बता दें कि मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस ने जहां मेटाडोर के मकान से टकराने से छज्जा गिरने का जिक्र किया है। वहीं, वकीलों ने कहा कि आरोपियों को बचाने पुलिस का यह षड्यंत्र है।

वकीलों का कहना है कि अगर वाहन में रखे DJ के सामान के टकराने से मकान का छज्जा गिरा और हादसा हुआ तो उसका जिम्मेदार गाड़ी चलाने वाला ड्राइवर है। जाहिर है कि पुलिस की इस FIR का फायदा DJ संचालक और आयोजकों को मिलेगा।

इस मामले में पुलिस ने DJ संचालक, ड्राइवर और आयोजनकर्ताओं के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। वहीं, DJ संचालक और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि, आयोजनकर्ता में 4 नामजद है, जो घटना के बाद से फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

पुलिस ने DJ संचालक और ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। गाड़ी भी जब्त की गई है।

पुलिस बोली- बॉक्स टकराने से गिरा छज्जा

मामले में FIR तो किया गया, लेकिन कारण वह नहीं बताया कि किस वजह से छज्जा गिरा। वहीं एडिशनल एसपी उदयन बेहार ने कहा कि वाहन में लगे बॉक्स के टकराने से छज्जा गिरा है। उन्होंने कहा कि वाहन के पीछे लोग चल रहे थे। बॉक्स के टकराने से छज्जा गिरा, जिसका मलबा गिरने से बच्चे सहित अन्य लोग घायल हो गए।

संचालक और आयोजनकर्ताओं को आरोपी बनाना प्रमाण

हाईकोर्ट के एडवोकेट विनय दुबे का कहना है कि अगर वाहन में रखे DJ के सामान के टकराने से मकान का छज्जा गिरा और हादसा हुआ तो उसका जिम्मेदार गाड़ी चलाने वाला ड्राइवर है। उसे ही आरोपी बनाया जाता। संचालक और आयोजनकर्ताओं को भी आरोपी बनाया गया है।

यह इस बात का प्रमाण है कि डीजे की कानफोड़ू आवाज से ही छज्जा गिरा है। पुलिस कार्रवाई करना चाह रही है। लेकिन, हाईकोर्ट के आदेश के बाद DJ के तेज आवाज को कारण बताने से बच रही है।

आरोपियों को बचाने पुलिस का षड्यंत्र, कोर्ट में मिलेगा लाभ

वहीं, हाईकोर्ट के क्रिमिनल केस के जानकार एडवोकेट समीर सिंह का कहना है कि जिस तरह से पुलिस ने हादसे का कारण बताया है, उसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की है। इसमें पुलिस की बदनीयती झलक रही है। यह या तो आरोपियों को बचाने पुलिस का षड्यंत्र है या फिर दबाव में की गई FIR है।

कोर्ट में ट्रायल के दौरान आरोपियों को इसका लाभ मिलेगा। जिससे आरोपी आसानी से बच जाएंगे। हाईकोर्ट ने कानफोड़ू DJ पर प्रतिबंध लगाने सख्त आदेश दिया है। लेकिन, केस में पुलिस यह बताने का प्रयास कर रही है कि DJ की आवाज से हादसा नहीं हुआ है। अगर ऐसा है तो कानून के अनुसार पुलिस को एक्शन लेना चाहिए।

Related Articles

Back to top button